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Sukanya Samriddhi Yojana: ₹18,000 जमा करने पर मिलेंगे ₹8,31,309 रुपये, देखें पूरी सटीक कैलकुलेशन

हर मां-बाप का सपना होता है कि उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित रहे। पढ़ाई हो, शादी हो या कोई और जरूरत, पैसों की कमी न आए। लेकिन सच यह है कि आज के जमाने में यह सब पहले से सोचकर चलना पड़ता है। अगर आपके घर में बेटी है और आप उसके लिए कुछ जोड़ना चाहते हैं तो सुकन्या समृद्धि योजना एक ऐसा विकल्प है जो सालों से लाखों परिवारों के काम आ रही है। इसमें हर साल थोड़ा-थोड़ा जमा करते जाओ और 21 साल बाद एक बड़ी रकम बेटी के हाथ में। आज हम बात करेंगे कि अगर आप साल में सिर्फ 18,000 रुपये यानी हर महीने 1,500 रुपये जमा करें तो 21 साल बाद कितना पैसा मिलेगा।

सुकन्या समृद्धि योजना क्या है और कैसे काम करती है

सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार की एक खास बचत योजना है जो बेटियों के लिए बनाई गई है। इसे 2015 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू किया गया था। इसमें 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर मां-बाप या अभिभावक खाता खुलवा सकते हैं। इस समय इस योजना पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है जो सालाना आधार पर चक्रवृद्धि यानी annually compound होता है। खास बात यह है कि इस योजना को EEE दर्जा मिला हुआ है यानी जमा रकम पर टैक्स छूट, ब्याज पर टैक्स नहीं और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स फ्री। इसमें हर साल कम से कम 250 रुपये और ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। खाता खुलवाने के 15 साल तक पैसे जमा करने होते हैं उसके बाद 21 साल पूरे होने पर मैच्योरिटी मिलती है।

₹18,000 सालाना जमा करने पर 21 साल में कितना मिलेगा, पूरी कैलकुलेशन

अब सीधे हिसाब की बात करते हैं। अगर आप हर साल 18,000 रुपये यानी हर महीने 1,500 रुपये इस योजना में जमा करते हैं तो 15 साल में आपकी कुल जमा होगी 2,70,000 रुपये। 8.2 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि ब्याज के हिसाब से 21 साल बाद मैच्योरिटी पर आपको मिलेंगे करीब 8,31,309 रुपये। यानी आपने डाले 2,70,000 रुपये और वापस मिलेंगे 8,31,309 रुपये। सिर्फ ब्याज के तौर पर करीब 5,61,309 रुपये का फायदा। यह इसलिए संभव होता है क्योंकि 15 साल तक पैसे जमा होने के बाद भी बाकी 6 साल यानी साल 16 से साल 21 तक आपकी पूरी जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है और उस ब्याज पर भी ब्याज चढ़ता रहता है। यही चक्रवृद्धि ब्याज की असली ताकत है जो छोटी रकम को बड़ी बना देती है।

इस योजना की कुछ जरूरी बातें जो हर मां-बाप को पता होनी चाहिए

इस योजना में पैसा लगाने से पहले कुछ बातें समझ लेना जरूरी है ताकि बाद में कोई परेशानी न हो। पहली बात, खाता तभी खुलवाया जा सकता है जब बेटी की उम्र 10 साल से कम हो। इसलिए जितनी जल्दी खुलवाएं उतना ज्यादा फायदा क्योंकि ब्याज ज्यादा साल तक मिलेगा। दूसरी बात, एक परिवार में दो बेटियों के लिए दो अलग-अलग खाते खुलवाए जा सकते हैं और जुड़वां बेटियों की स्थिति में तीसरा खाता भी संभव है। तीसरी बात, हर साल कम से कम एक बार पैसे जमा जरूर करने होंगे, अगर किसी साल भूल गए और खाता बंद हो गया तो उसे दोबारा चालू करने के लिए 50 रुपये सालाना जुर्माना और उस साल का न्यूनतम जमा देना होगा। चौथी बात, बेटी के 18 साल की उम्र के बाद उसकी पढ़ाई या शादी के लिए खाते में जमा रकम का 50 फीसदी निकाला जा सकता है, पूरा खाता बंद नहीं करना पड़ता। और पांचवीं बात, यह योजना देश के किसी भी पोस्ट ऑफिस या सरकारी बैंक में खुलवाई जा सकती है।

क्या सच में इतना बड़ा फायदा होता है, क्या यह भरोसेमंद है

यह सवाल मन में आना बिल्कुल स्वाभाविक है। देखिए, यह योजना पूरी तरह सरकारी है इसलिए पैसे डूबने का कोई सवाल ही नहीं है। 8.2 फीसदी का ब्याज इस वक्त बाकी सुरक्षित योजनाओं जैसे PPF या बैंक FD से काफी ज्यादा है। और ऊपर से जो ब्याज मिलता है वो पूरी तरह टैक्स फ्री है, यह बात इसे और भी खास बनाती है। अगर कोई आदमी हर महीने 1,500 रुपये अलग नहीं रखता तो वो पैसा कहीं न कहीं खर्च हो ही जाता है लेकिन अगर सुकन्या में डाल दिया तो 21 साल बाद बेटी के काम आता है। यही इस योजना की सबसे बड़ी खूबी है कि यह जबरदस्ती बचत का एक अनुशासन बनाती है। जिन मां-बाप ने 10-15 साल पहले इस योजना में पैसा लगाया था वो आज बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए बिना किसी की मदद के तैयार बैठे हैं।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखी गई है। सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर भारत सरकार द्वारा हर तिमाही तय की जाती है और यह बदल सकती है। ऊपर दिए गए मैच्योरिटी आंकड़े 8.2 फीसदी ब्याज दर के आधार पर अनुमानित हैं और वास्तविक रकम ब्याज दर में बदलाव के कारण थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। निवेश से पहले अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस, बैंक या किसी वित्तीय सलाहकार से जानकारी जरूर लें।

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